गोरखपुर दूरदर्शन

दूरदर्शन सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत प्रसार भारती का एक लोक सेवा प्रसारक है। आधारभूत सुबिधाओं  के संदर्भ में यह दुनिया में सबसे बड़ा प्रसारण संगठनों में से एक है। दूरदर्शन में तीन स्तरीय कार्यक्रम सेवाएं हैं, जैसे राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और स्थानीय। दूरदर्शन कार्यक्रम का प्रथम प्रसारण 15 सितंबर 1 9 5 9 को दिल्ली में शुरू हुआ । नियमित दैनिक प्रसारण 1 9 65 में शुरू हुआ।
डीडी फ्री डिश एक मल्टी-चैनल डायरेक्ट टू होम (डीटीएच) सेवा है। इसमें दूरदर्शन के सभी सैटेलाइट चैनल, आकाशवाणी के कुछ चैनल और कुछ लोकप्रिय निजी टीवी चैनल शामिल हैं। दूरदर्शन के कार्यक्रम को दो तरह से प्रसारित किया जाता है, अर्थात् सैटेलाइट और टेरेस्ट्रियल द्वारा। दूरदर्शन वर्तमान में 33 सैटेलाइट चैनलों का संचालन कर रहा है जिसमें 5 ऑल इंडिया चैनल, 15 क्षेत्रीय चैनल, 11 राज्य नेटवर्क चैनल, 1 अंतरराष्ट्रीय चैनल और 1 दूरदर्शन एचडी चैनल शामिल है।
दूरदर्शन कार्यक्रम के निर्माण हेतु देश में 67 स्टूडियो केंद्र हैं। इनमें राज्य की राजधानिओ में 17 प्रमुख स्टूडियो केंद्र, गुवाहाटी में एक क्षेत्रीय निर्माण केंद्र और विभिन्न स्थानों पर 49 अन्य स्टूडियो केंद्र शामिल हैं। देश में विभिन्न स्थानों पर 1416 एनालॉग टेरेस्ट्रियल ट्रांसमीटर और 1 9 डिजिटल डिजिटल टेस्ट्रिटर (डीटीटी) स्थापित किए गए हैं।
दूरदर्शन हाई पावर ट्रांसमीटर, गोरखपुर का उद्घाटन श्री जे.एस. अंसारी, तत्कालीन परिवहन मंत्री मंत्री ने 30 अगस्त 1 9 84 को का उद्घाटन किया। 14 नवंबर 1 9 84 में गोरखपुर के दूरदर्शन केंद्र द्वारा प्रथम क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रसारित किया। दूरदर्शन स्टूडियो 2008 में राप्ती नगर में बनी अपनी नई बिल्डिंग में स्थानांतरित हुआ ।