टेलीविज़न स्टूडियो

दूरदर्शन स्टूडियो, दूरदर्शन कार्यक्रम निष्पादन का मुख्य भाग होता है, अर्थात रिकॉर्डिंग, संपादन और प्रसारण। एक अच्छी तरह से डिजाइन किए गए टेलीविजन स्टूडियो में कैमरे, प्रकाश ब्यस्था, माइक्रोफोन, विभिन्न दृश्य और कलाकार की परफॉर्मेंस जैसे सभी प्रमुख अवयव शामिल है। एक प्रोफेशनल टेलीविज़न स्टूडियो में आम तौर पर कई कमरे / अनुभाग हैं, जैसे; विद्युत आपूर्ति अनुभाग, स्टूडियो, प्रोडक्शन कंट्रोल रूम, इ न जी कक्ष, रखरखाव कक्ष, पोस्ट प्रोडक्शन (संपादन) कक्ष, सेन्ट्रल एयर कंडीशनर कक्ष और पूर्वावलोकन कक्ष आदि।
दूरदर्शन केंद्र गोरखपुर में तीन कैमरा सेटअप का प्रयोग किया जाता हैं। रिकॉर्डिंग के लिए डिजिटल वीसीआर और सर्वर का प्रयोग किया जाता है पोस्ट प्रोडक्शन के लिए लीनियर और नान लीनियर एडिटिंग सिस्टम अपनाया जाता है । कार्यक्रम की बेहतर गुणवत्ता के लिए कई यूनिट / असेंबली का इस्तेमाल किया जाता है; कैमरा, प्रोडक्शन स्विचर, वीडियो मॉनिटर्स, कैमरा बेस स्टेशन, कैमरा कंट्रोल यूनिट, वेव फॉर्म मॉनिटर्स, कैरेक्टर जेनरेटर, सिंक पल्स जेनरेटर, वीडियो और ऑडियो डिस्ट्रीब्यूशन एम्पलीफायर, एनालॉग टू डिजिटल और डिजिटल टू एनालॉग कनवर्टर, वीसीआर, सर्वर, डीवीडी रिकॉर्डर / प्लेयर , रूटिंग स्विचर, ऑडियो कंसोल, स्पीकर, रिवरबर्टेशन यूनिट, लोगो जेनरेटर, फोन-इन-कंसोल यूनिट, टैली डिस्ट्रीब्यूटर सिस्टम, पब्लिक एड्रेस सिस्टम इत्यादि। निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए यूपीपीसीएल से एक स्वतंत्र फीडर, दो 63 केवीए के जनित्र, दो 20 केवीए यू पी एस का प्रयोग किया जाता है।
गोरखपुर दूरदर्शन द्वारा स्टूडियो में तथा आउट डोर रिकॉर्डिंग किया जाता है। जिसमे वीआईपी / वीवीआईपी / कॉन्सर्ट / नैरो कास्टिंग कार्यक्रम सामिल है।